इसी बहाने...!!!
Wednesday, October 17, 2012
तुम हो कि, तुम्हे सब कुछ याद नहीं आता,
मैं हूँ कि सब कुछ भूल नहीं पाता.
लोग हैं, कि कहानिया बदस्तूर है ,तुम्हारी मेरी,
ये तेरा दामन, मुझसे छूट नहीं पाता.
उम्मीद है कि बाकी रहती है आधी अधूरी ही सही,
दिल है कि अच्छे से टूट नहीं पाता.
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