दर्द सुनता भी नहीं मेरा,बौखलाता है,
प्यार करना उसे कहा आता है?
कल राह से उठा गले में पिरो लिया,
आज पूछते है, तेरा मेरा क्या नाता है?
हम टूटते, बिखरते न तो फिर क्या करते?
हम प्यार करते है,हमें खेलना कहा आता है?
अबके नकेल डालनी ही होगी दिल को हमें,
दिल दगाबाज है,बस बरगलाता है.
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