Wednesday, October 17, 2012


मैंने चुन ली है,
बांस बाड़ी जाने वाली अकेली उदास पगडण्डी,
लौटू, पर शायद देर लगे..!!!

आँगन वाले बड़े कमरे के पुराने पलंग के नीचे,
आलू ओ के साथ ,
पहली साइकिल का पहिया,
खुदा करे तुम्हे मिले...!!!

No comments:

Post a Comment