बहुत अकल्मन्द हो दुनियावालो, जानते हो बनाना, मिटाना!
क्या कोई जानता है?हुनर ए भूल जाना?
इतनी रात गए, आँखे जाने क्यों जगती रहती है?
कर सको तो इतना करो, मेरी नींदे ढूंढ लाना!
कभी इस डाल, कभी उस डाल, पाला बदले दगाबाज दिल,
संग हर किसी के होता है, या मुझमे ही है कुछ फलसफाना?
कोई समझाए इस बावरे दिल को मेरे किसी तरह,
ये जाल है उसका,सब टोटका है, रोना, मुस्कुराना!
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