जब संसद एक रात बनी,
चोरो ने एक बात कही-
चलो दिल्ली..!!!
सबने मिलकर षड़यंत्र रचा,
चक्रव्यूह सा " " तंत्र रचा,
फंसी मछली...!!!
चलो दिल्ली..!
निकलते खादी की खाल में,
मिलते प्रजा से पांच साल में,
करते रैली ...!
चलो दिल्ली !!!
No comments:
Post a Comment