जब इश्क दर्द दे बहुत तो उसको बुरा सोचना,
खुद से इश्क करना,बस खुद का सोचना.
वो यकीनन बुरा नहीं था,कुछ भी धोखा नहीं था,
पर जिसने ऐसे छोड़ा, उसको क्यों अपना सोचना?
खुद में यकीन रखना, गर जीतना हो जग तो,
अच्छा होता है कभी कभी खुद को खुदा सोचना!
वो लौट आये यकायक तो लिपट मत जाना,
अबकी धोखे को बस धोखा सोचना.
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