Wednesday, October 17, 2012


दिल की अंगीठी पे ...
तुम्हारी यादो की चाय खौलती रही...!!!
दिन भर!
सुबह के सच हो जाने वाले खवाब में
आई तुम ....
बखौनी सा....गाते बजाते...!!!
यादो की वो किताब ..जिसका हर हरफ एक तस्वीर है...
हर तस्वीर एक कहानी...
पढता रहा....
कहानिया दुहराई....
तुम्हे जिया...!!
पर हर सुबह के सपने सच नहीं होते...!!!

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