उसकी निगाह में और शराब में कोई रिश्ता तो जरूर है,
की दोनों का असर एक सा है, दोनों में ज़हर एक सा है।
कोई बंदा बागी हो तुम्हारा, कोई मुक़दमा चले तुम पर,
हाथ के बदले हाथ, आँख के बदले आँख, दौरे जहा चले तुम पर।
तेरी यद् भी तेरी तरह आवारा है,
कभी बरसो न आये, कभी पल को सदिया कर जाए।
अब गया है तो कभी लौट के आना मत,
एक सदमा काफी है मेरे नन्हे से सीने के लिए।
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