Friday, February 21, 2014

उसने पैसो सा चाह मुझे,
पैसा सा सराहा मुझे,
तिल तिल  कर कमाया,
ईमान से बेईमानी से, सच से झूठ से,
हर तरह से कमाया,
और फिर बहा दिया,
शराब में जुए में दवा  दारू में,
अपने लिए !

मंदिरों में चढ़ाता रहा,
खुद को खुश  करने के लिए,
उसने पैसो सा चाहा मुझे,
यत्नों से, प्रयत्नों से, साजिशो से,
पाया मुझको,
ख्वाबो के लिए, सपनो के लिए, अपनों के लिए
बचाया   मुझको,
खुद से भी बढ़कर चाहा मुझे, 
खुद की संतुष्टि के लिए 
बूँद बूँद संजयो मुझको 
किसी और इस्तेमाल के लिए!

उसने पैसो सा चाहा मुझको!

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