Thursday, March 27, 2014

नेताजी गाँव आ रहे है,
लगता है फिर चुनाव आ रहे है!
फिर देश का विकास होने वाला है,
हर घर में पानी और प्रकाश होने वाला है, 
पाँच साल धूप थी, फिर छान्व आ रहे है,
लगता है फिर चुनाव आ रहे है!
जंग से हालात है, लोग खेमों में बँट रहे है,
उनके लबो पे भाई चारा है, जिनके हाथो में लट्ठ रहे है!
इनसान कि सोच में बदलाव आ रहे है!!!
लगता है फिर चुनाव आ रहे है!

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