किसकी दस्तक सुनकर जाने, अश्को ने दरवाजे खोले,
आशाओं के तीरों से बिंध, नैन मेरे फिर से बोले!
कितनीं बारी दिल को जाने चुप कराया हमने,
आज मगर हमने भी बोला , दिल चल मिलकर रोंले !
हम उनके थे, उनके है, उनके ही रहेंगे, ना जाने कब तक,
वो जिनको होना चाहे, हो ले!!!
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