Wednesday, September 7, 2011

आधी रात के जागते स्वप्न

सोचा, कुछ ऐसा मेरे संग हो जाए,
कि तू मुझसे मिलने आये.
या फिर तुझपे ही कुछ ऐसी बीत जाए,
कि तू बस मुझसे, मिलने आये...!!!
तेरी दुनिया में तेरा तेरे जैसा न रहे,
या फिर मेरी कोई दुनिया न रहे,
पर कुछ ऐसा 'न' रहे कि
भूल सब कुछ, तू मुझसे मिलने आये..!!

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