चलो दूर चलते है,
ऐसी जगह,जहा बम न फटे!
चलो दूर चलते है,
ऐसी जगह, जहा कम से कम बम फटने का डर न हो!
चलो दूर चलते है,
ऐसी जगह , जहा अगर बम फट भी जाए
तो कोई रेणुका गैर बयानी न करे,
और हाँ देखना, वहा कोई अब्दुल्ला न हो...!
मुझे बम फटने से ज्यादा परेशानी,
किसी के अब्दुल्ला या रेणुका बनने से होती है...!
चलो दूर चलते है,
इस रेणुका रानी से, फ़िज़ूल बयानी से...!!
चलो दूर चलते है,
ऐसी जगह जहा क़त्ल मजहब न हो किसी का,
चलो दूर चलते है
जहा कुछ मोल हो जिंदगी का!!!
पर देखना घुसपैठ न हो....
मजहबी भेड़िये ना आ जाए....
पर ठीक है अगर आतंकवादी आ भी जाए ,
रेणुका और अब्दुल्ला ना आये...!!!
नहीं तो हम कही और चलेंगे...फिर कही दूर...!!!
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